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ज्ञापन और आह्वान

यह एक ज्ञापन है जो मानव संसाधन विकास मंत्री को संबोधित है. ज़ाहिर है, यहाँ अन्य लोगों का भी आह्वान है. हम लोगों से अपील करते हैं कि यहाँ आएँ और हमारा समर्थन करें. ध्यानार्थ, श्री कपिल सिब्बल मानव संसाधन विकास मंत्री भारत सरकार मान्यवर, हम हिन्दी के लेखक, अध्यापक, हिन्दीजीवी और हिन्दी में सोचने, बोलने और लिखने वाले लोग आपका ध्यान भाषा, शोध और साहित्य की अन्तर्राष्ट्रीय ख्याति की संस्था ‘नागरी प्रचारिणी सभा’ की दुर्दशा की ओर आकृष्ट करना चाहते हैं। (1) हिन्दी के प्रसार और निर्माण में अनिवार्य भूमिका निभाने वाली 117 साल पुरानी यह संस्था अपने सभी आयामो में तबाही का शिकार हो गयी है। यह संस्था फिलहाल निहायत गैरकानूनी तरीके से पद्माकर पाण्डेय नामक एक सर्वथा असाहित्यिक व्यक्ति और उसके नाते-रिश्तेदारों के नियंत्रण में है। ये लोग निजी लाभ के लिए मनमानेपन से संस्था का उपयोग कर रहे हैं। इनके बेहद नाकाबिल और घपलेबाज हाथो में ‘सभा’ की वाराणसी, नई दिल्ली और हरिद्वार स्थित अप्रतिम भौतिक और बौद्धिक संपदा और इसकी स्थापना के महान संकल्प अत्यन्त खतरे में हैं। हालात ये हैं कि बीते स...

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